
मानसून के प्रवेश के बाद जब प्रदेश में बारिश की गतिविधि बढ़नी थी, तब मध्य क्षेत्रों में ग्रीष्मलहर की चेतावनी जारी करनी पड़ रही है. छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रह सकता है. मौसम विभाग ने गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना जताई है. अब तक अरब सागर के साथ बंगाल की खाड़ी में सिस्टम नहीं बनने से मानसूनी सुस्ती खत्म होने के आसार कम है.
जून के बीते 21 दिनों में राज्य में केवल 32.3 मिमी. बारिश हुई है और किसी भी जिले में सामान्य वर्षा का कोटा पूरा नहीं हुआ है. पिछले साल मई में मानसून 21 जून तक पूरे प्रदेश में पहुंच गया था. लेकिन इस बार यह बस्तर तक में एंट्री नहीं कर पाया है.
मौसम विभाग के मुताबिक, 23 जून के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून के राज्य के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं. अगले दो दिनों तक मध्य इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है. वहीं कुछ इलाकों में हीट वेव जैसी स्थिति बनने की भी आशंका जताई गई है.



