
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज का दिन भारत के लोकतंत्र के इतिहास का बड़ा दिन है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 21वीं शताब्दी के सबसे बड़े निर्णय नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर लोकसभा में चर्चा की शुरुआत हुई है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम बहनों के राजनीतिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। नारी केवल सृष्टि की जननी ही नहीं, बल्कि राष्ट्र की उन्नति की वास्तविक सूत्रधार है। जब हम विकसित भारत की कल्पना करते हैं, तो उसकी नींव में आधी आबादी के सामर्थ्य, संघर्ष और सफलता की कहानियां स्पष्ट दिखाई देती हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम इसी सामर्थ्य को संवैधानिक मान्यता देने और लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं के लिए नेतृत्व के नए द्वार खोलने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। प्रधानमंत्री मोदी देशवासियों के सामाजिक-आर्थिक उन्नयन के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर भी समान रूप से ध्यान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 972 करोड़ से अधिक लागत के 72 किलोमीटर लंबे नर्मदापुरम-टिमरनी स्टेट हाईवे-67 का उन्नयन एवं पुनर्निर्माण कार्य के भूमि-पूजन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को नर्मदापुरम जिले के सिवनी-मालवा में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री और नर्मदापुरम के प्रभारी श्री राकेश सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पहले से ही स्थानीय निकाय और नगरीय निकाय चुनावों में 50 प्रतिशत पद बहनों के लिए आरक्षित हैं। राज्य सरकार बहनों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, राज्य सरकार जो कहती है, उसे पूरा करती है। प्रदेश की
1.25 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों को अब तक 55 हजार करोड़ रूपए से अधिक राशि दी जा चुकी है। लाड़ली बहना योजना की शुरुआत से लेकर अब तक प्रति बहन 40 हजार 500 रुपए से अधिक राशि बहनों के बैंक खातों में आई है। बहनें चिंता न करें, योजना की राशि बढ़कर 1500 रुपए करने के साथ आगे भी जो संभव होगा वह किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। प्रदेश में पहली बार शासकीय स्कूलों के बच्चों को “माता यशोदा योजना” के अंतर्गत नि:शुल्क दूध के पैकेट बांटे जाएंगे। हमारे बच्चे मानसिक और शारीरिक रूप से तंदुरुस्त बनेंगे। प्रदेश में दूध उत्पादन बढ़ाने और गौपालन को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए “डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना” की शुरू की है। इससे हमारे भाई-बहनों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार ने कठिन समय में सड़क पर घायलों की मदद के लिए राहवीर योजना शुरू की है, जिसमें घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को 25 हजार रुपए की राशि प्रोत्साहन स्वरूप देने की व्यवस्था है। मुश्किल वक्त में गरीब-जरूरतमंदों की मदद के लिए एयर एम्बुलेंस भी संचालित की जा रही हैं।




