
रायपुर, 23 जून 2026। अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से शिक्षा सत्र 2026-27 की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत ऑनलाइन पंजीयन, स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। आदिवासी विकास विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार यह व्यवस्था राज्य के सभी शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग, मेडिकल, नर्सिंग महाविद्यालयों, पॉलिटेक्निक तथा आईटीआई संस्थानों में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों पर लागू होगी।
विभाग ने बताया है कि छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन राज्य छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से किए जाएंगे। शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए नवीनीकरण आवेदन की प्रक्रिया 20 जून 2026 से प्रारंभ हो चुकी है, जबकि नवीन आवेदन 1 अगस्त 2026 से स्वीकार किए जाएंगे। विभाग द्वारा आवेदन प्राप्त होने के बाद उनके परीक्षण, सत्यापन और स्वीकृति की समस्त कार्रवाई निर्धारित समय-सीमा में पूरी की जाएगी, ताकि छात्रवृत्ति राशि का वितरण एवं भुगतान जनवरी 2027 तक सुनिश्चित किया जा सके।
छात्रवृत्ति योजना के तहत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के पालकों की वार्षिक आय सीमा 2 लाख 50 हजार रुपये निर्धारित की गई है, जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए यह सीमा 1 लाख रुपये तय की गई है। पात्र विद्यार्थियों को आवेदन के समय सक्षम अधिकारी द्वारा जारी स्थायी जाति प्रमाण पत्र, छत्तीसगढ़ का मूल निवास प्रमाण पत्र तथा पूर्व वर्ष की परीक्षा के अंकसूची एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि छात्रवृत्ति की राशि सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के माध्यम से सीधे विद्यार्थियों के आधार सीडेड बैंक खातों में जमा की जाएगी। इसके लिए आवेदन करते समय सक्रिय और आधार से लिंक बैंक खाते की जानकारी दर्ज करना अनिवार्य होगा।
छात्रवृत्ति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2026-27 से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) से वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) प्राप्त करना भी अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा नई संस्थाओं के संस्था प्रमुख एवं छात्रवृत्ति प्रभारी के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे पात्र विद्यार्थियों तक छात्रवृत्ति का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंच सके।
राज्य शासन ने सभी पात्र विद्यार्थियों से निर्धारित समयावधि में ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है, ताकि वे छात्रवृत्ति योजना का लाभ प्राप्त कर अपनी उच्च शिक्षा को सुगमता से आगे बढ़ा सकें।




