छत्तीसगढ़राज्य

19 दिसंबर शुक्रवार को स्वदेशी मेला के द्वितीय दिवस के अवसर पर दोपहर 12:00 पांच परिवर्तन पर एक संगोष्ठी आयोजित की गई जिसमें मुख्य वक्ता थे जुगराज धर द्विवेदी जी क्षेत्रीय प्रचारक विशेष संपर्क विभाग विश्व हिंदू परिषद मध्यक्षेत्र।

उन्होंने कहा सामाजिक समरसता कुटुंब प्रबोधन स्वदेशी जागरण पर्यावरण सुरक्षा और हमारे नागरिक कर्तव्य के माध्यम से हम अपने समाज में परिवर्तन ला सकते हैं। इस संगोष्ठी के मुख्य अतिथि थे श्री श्री चंद सुंदरानी। श्री सुंदरानी ने स्वदेशी जागरण को प्रमुखता प्रदान की और विचार व्यक्त किए की स्वदेशी उत्पादों के प्रचार प्रसार से भारत को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
इसी तारतम्य में शाम को 5:00 बजे से स्वदेशी मेला के सांस्कृतिक मंच पर महाराष्ट्र समाज की भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुति की गई। साथ ही मराठा समाज के पारंपरिक व्यंजनों का सभी ने लुत्व उठाया गया जिसमें पूरन पूरी कोथिंबीर बड़ी साबूदाने का बड़ा गुलाब जामुन और रसगुल्ला का लोक उठाया गया इस अवसर पर उपस्थित थे महाराष्ट्र मंडल के प्रमुख अजय काले जी,सचिव चेतन दंडवतें, उपाध्यक्ष गीता दलाल सह सचिव सुकृत ग़नोद वाले और महाराष्ट्र मंडल के विभिन्न सदस्य।

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