
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन और चरित्र का उल्लेख करते हुए उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करने का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पावन अवसर पर व्यासपीठ पर विराजमान परम पूज्य संत श्री चिन्मयानंद बापूजी को सादर नमन करते हुए कहा कि आज कुनकुरी की यह पावन धरा धन्य हो गई है। उन्होंने कहा कि सालियाटोली का यह स्टेडियम श्रीराम कथा के रसपान से साक्षात श्रीराम का धाम बन गया है और चारों ओर ‘जय श्रीराम’ की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो उठा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम का छत्तीसगढ़ से अत्यंत गहरा संबंध है। यह माता कौशल्या की पावन धरती है और भगवान श्रीराम का ननिहाल है, जहाँ वे भांजे के रूप में घर-घर में पूजे जाते हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि भगवान श्रीराम ने अपने 14 वर्ष के वनवास का अधिकांश समय दंडकारण्य क्षेत्र एवं छत्तीसगढ़ के जंगलों में बिताया, जिससे यहाँ के कण-कण में राम की उपस्थिति अनुभव होती है। वनवास काल से जुड़े सीता रसोई जैसे अनेक पवित्र स्थल आज भी इस भूमि की आध्यात्मिक विरासत के साक्षी हैं।




