
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को छठवें रामनाथ गोयनका व्याख्यान में दिए अपने भाषण को साझा करते हुए देशवासियों से अगले दस वर्षों में गुलामी की मानसिकता से पूर्ण मुक्ति का संकल्प लेने अपील की। उन्होंने कहा कि यह मानसिकता उपनिवेशवाद की देन है और अब समय आ गया है कि देश इससे पूरी तरह बाहर निकले। उन्होंने देशवासियों से सामूहिक संकल्प के साथ औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह किया।
भारत का लोकतंत्र लगातार हो रहा सशक्त
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर साझा किए अपने पोस्ट में कहा कि रामनाथ गोयनका का जीवन राष्ट्र प्रथम की भावना और सत्य के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक था। उन्होंने हमेशा कर्तव्य को सर्वोपरि रखा और यही भावना आज भी पत्रकारिता और लोकतंत्र दोनों के लिए प्रेरणा है।




