
रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर में आज भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (Suryakiran Aerobatic Team – SKAT) ने स्कूली बच्चों से आत्मीय मुलाकात की। यह मुलाकात न केवल ज्ञानवर्धक रही, बल्कि देशभक्ति और प्रेरणा से भरपूर भी थी।
भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम के सदस्य दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम पहुँचे, जहाँ उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत की। बच्चों में टीम के पायलटों और तकनीकी विशेषज्ञों को देखकर जबरदस्त उत्साह था। सभागार में तालियों की गड़गड़ाहट के बीच बच्चों ने उत्साह से उनका स्वागत किया।
टीम के सदस्यों ने बच्चों को बताया कि कैसे सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम अनुशासन, सटीकता और टीमवर्क के माध्यम से आकाश में अद्भुत करतब करती है। उन्होंने समझाया कि हवाई करतब केवल कौशल का प्रदर्शन नहीं, बल्कि साहस, एकाग्रता और धैर्य की परीक्षा भी होती है। टीम ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि हर उड़ान एक जिम्मेदारी है — न केवल भारतीय वायुसेना के प्रति, बल्कि पूरे राष्ट्र के गौरव के प्रति भी। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि अगर वे मन लगाकर मेहनत करें, तो कोई लक्ष्य असंभव नहीं।




