
मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार गरीबों के कल्याण के कार्य निरंतर कर रही हैं। तमिलनाडु के इरोड जिले में बंधुआ बनाकर रखे गए बैतूल जिले के 20 और हरदा के 4 श्रमिकों को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, जिला प्रशासन तथा वनवासी कल्याण आश्रम के त्वरित एवं समन्वित प्रयासों से सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। सभी श्रमिकों के बैतूल रेलवे स्टेशन पहुंचने पर स्थानीय कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी एवं पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने आत्मीय स्वागत किया। वनवासी कल्याण आश्रम के जिला अध्यक्ष महेश्वर भलावी, जिला श्रम पदाधिकारी धम्मदीप भगत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
स्टेशन पर सभी श्रमिकों की पहचान सुनिश्चित की गई। कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने श्रमिकों से चर्चा करते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि प्रशासन द्वारा उनके सुरक्षित घर पहुंचने की समुचित व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए राजस्व, पुलिस और श्रम विभाग निरंतर उनके संपर्क में रहेंगे। साथ ही श्रम पदाधिकारी को निर्देशित किया कि श्रमिकों से संपर्क बनाए रखते हुए आर्थिक सहायता स्वीकृति हेतु आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किए जाएं।
रेलवे स्टेशन से सभी श्रमिकों को उनके गृह ग्राम तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए बसों की व्यवस्था की गई तथा भोजन की भी व्यवस्था की गई।सुरक्षित वापसी पर श्रमिकों ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन आभार व्यक्त किया।




