
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए आज दिल्ली में वित्तीय सेवाएं विभाग के सचिव की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में नाबार्ड अध्यक्ष, सभी 28 आरआरबी के अध्यक्ष, वित्तीय सेवाएं विभाग के अधिकारी, प्रायोजक बैंक, भारतीय रिजर्व बैंक और भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (एसआईडीबीआई) के अधिकारी मौजूद थे।
वित्तीय सेवाएं विभाग सचिव ने वित्त वर्ष 2025-26 में सभी आरआरबी के सराहनीय प्रदर्शन की सराहना की। वर्तमान में, कुल 28 आरआरबी 26 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में 22,273 शाखाओं के माध्यम से लगभग 700 जिलों में सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
सभी 28 आरआरबी का कुल कारोबार वित्त वर्ष 2025-26 में ₹13.5 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गया, जो कुछ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के कारोबार के आंकड़े से भी अधिक है। आरआरबी का शुद्ध मुनाफा वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर उच्चतम स्तर ₹10,176 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में शुद्ध संचयी लाभ ₹6,820 करोड़ रहा। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (जीएनपीए) और कुल नॉन-परफॉर्मिंग एसेट क्रमशः 5.3% और 2.1% के निम्तमन स्तर पर पहुंच गई हैं।



