
दिल्ली। केंद्र सरकार ने घरेलू खाद्य तेलों की कीमतों को नियंत्रित करने, उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने और अंतरराष्ट्रीय खाद्य तेलों की कीमतों में तीव्र वृद्धि से उत्पन्न मुद्रास्फीति के दबाव को कम करने के उद्देश्य से प्रमुख आयातित कच्चे खाद्य तेलों पर मूल सीमा शुल्क (बीसीडी) को कम कर दिया है।
तदनुसार, कच्चे सूरजमुखी तेल पर मूल सीमा शुल्क (बीसीडी) 10 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया गया है, जबकि कच्चे सोयाबीन तेल और कच्चे पाम तेल पर बीसीडी 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार ने साथ ही साथ संबंधित परिष्कृत खाद्य तेलों पर लागू बीसीडी को कम कर दिया है, जबकि कच्चे और परिष्कृत खाद्य तेलों के बीच आयात शुल्क का अंतर 19.25 प्रतिशत बनाए रखा है।
आयात शुल्क में युक्तिकरण करते समय अंतरराष्ट्रीय खाद्य तेलों की कीमतों में वृद्धि और परिणामस्वरूप घरेलू बाजार में लागत और खुदरा कीमतों में हुई बढ़ोतरी को ध्यान में रखा गया है। आयात शुल्क आयातित खाद्य तेलों की लागत का एक महत्वपूर्ण घटक है और इसलिए घरेलू बाजार की कीमतों पर इसका प्रभाव पड़ता है।




