
रणों का उपयोग करते हुए ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस कॉल में भी भाग लिया। मुख्यमंत्री ने एनआईआईटी फाउंडेशन और इंडस टावर्स के इस संयुक्त प्रयास की प्रशंसा करते हुए इसे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में सराहनीय कदम बताया।
जशपुर के गांवों में एक महीने का मिलेगा निःशुल्क डिजिटल प्रशिक्षण
डिजिटल ट्रांसफॉर्मिंग वैन जशपुर विकासखंड के विभिन्न गांवों में पहुंचकर 12 से 60 वर्ष आयु वर्ग के नागरिकों को निःशुल्क डिजिटल शिक्षा एवं कौशल विकास का प्रशिक्षण प्रदान करेगी। इसके अंतर्गत एक महीने का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जाएगा, जिसमें डिजिटल साक्षरता, साइबर सुरक्षा और बेसिक आईटी जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे।
प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीण नागरिकों को कंप्यूटर एवं डिजिटल उपकरणों के उपयोग, इंटरनेट की बुनियादी जानकारी तथा डिजिटल तकनीक के सुरक्षित एवं प्रभावी इस्तेमाल के संबंध में व्यावहारिक ज्ञान दिया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल जागरूकता बढ़ाने, तकनीकी कौशल विकसित करने और डिजिटल विभाजन को कम करने में सहायता मिलेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की महत्वपूर्ण पहल
यह डिजिटल ट्रांसफॉर्मिंग वैन एक चलते-फिरते प्रशिक्षण केंद्र के रूप में कार्य करेगी, जिससे ग्रामीण नागरिकों को डिजिटल शिक्षा प्राप्त करने के लिए दूरस्थ शहरी केंद्रों तक जाने की आवश्यकता कम होगी। विशेष रूप से ग्रामीण बच्चों, युवाओं और महिलाओं को अपने आसपास ही आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम में जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, श्री सुनील गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। इस अवसर पर एनआईआईटी फाउंडेशन के नेशनल हेड श्री पूर्णेन्दु हुड्डा, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर श्री जितेंद्र राठौर, इंडस टावर्स के प्रतिनिधि श्री रजनीश सहित एनआईआईटी फाउंडेशन की जशपुर टीम के सदस्य भी उपस्थित थे।



