
रायपुर । आंजनेय विश्वविद्यालय में इन दिनों शिक्षा के साथ सेवा, संस्कार और सामाजिक सरोकारों की भी जीवंत तस्वीर देखने को मिली। विश्वविद्यालय में नेत्रदान जागरूकता कार्यक्रम, रक्तदान शिविर, विश्वकर्मा जयंती समारोह तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस पर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों, शिक्षकों और विश्वविद्यालय परिवार ने उत्साह से सहभागिता की।
दीपों की रोशनी में सेवा और राष्ट्र निर्माण का संदेश
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में दीप प्रज्वलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम में सहभागिता की। इस अवसर पर सेवा, स्वच्छता, शिक्षा, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर विचार व्यक्त किए गए। दीप प्रज्वलन को सकारात्मक सोच, सामाजिक जिम्मेदारी और जनसेवा की भावना के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया। साथ ही विद्यार्थियों को समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
भगवान विश्वकर्मा की आराधना के साथ कौशल और सृजन का संदेश
भगवान विश्वकर्मा जयंती के पावन अवसर पर विश्वकर्मा पूजा का आयोजन श्रद्धा एवं उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग द्वारा किया गया। इस अवसर पर भगवान विश्वकर्मा का विधिवत पूजन-अर्चन कर विश्वविद्यालय परिवार की सुख-समृद्धि, ज्ञान, कौशल, नवाचार एवं सफलता की कामना की गई। महानिदेशक डॉ बी सी जैन ने भगवान विश्वकर्मा के आदर्शों को आत्मसात करते हुए रचनात्मकता, तकनीकी दक्षता, ज्ञान और नवाचार के माध्यम से राष्ट्र एवं समाज के निर्माण में योगदान देने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया ।
नेत्रदान को लेकर जागरूकता
नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस माध्यम से युवाओं को समाज में सकारात्मक बदलाव का वाहक बनने और नेत्रदान के संदेश को परिवार एवं आसपास के लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।
रक्तदान शिविर में 53 यूनिट रक्तदान
रक्तदान शिविर में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शिविर में कुल 53 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। रक्तदान के प्रति युवाओं में दिखाई दिया उत्साह इस आयोजन की खास उपलब्धि रहा। कुलपति डॉ टी रामाराव ने कहा कि अस्पताल में उपचार करा रहे मरीज के लिए समय पर उपलब्ध रक्त जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी भावना के साथ विश्वविद्यालय परिवार ने रक्तदान को केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि मानवीय जिम्मेदारी के रूप में लिया। शिविर के दौरान रक्तदान से संबंधित आवश्यक जानकारी भी दी गई और रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया गया।
चांसलर श्री अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल कक्षाओं और पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का भी महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में विश्वविद्यालय परिवार की सक्रिय सहभागिता ने शिक्षा के साथ सामाजिक चेतना को जोड़ने की दिशा में एक सार्थक पहल प्रस्तुत की।
विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रमों में डायरेक्टर डॉ जयेंद्र नारंग, कुलसचिव डॉ रुपाली चौधरी, डायरेक्टर अकादमी डॉ संध्या वर्मा सहित समस्त डीन, प्राध्यापक और विद्यार्थी शामिल हुए ।



