छत्तीसगढ़राज्य

विज्ञान संकाय, अंजनेया विश्वविद्यालय ने कौशल-आधारित शिक्षा में स्थापित किया नया मानक

रायपुर, 11 सितंबर 2026: अंजनेया विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय ने DPIIT एवं ISO प्रमाणित बायोइनोवेले लाइफसाइंस (प्रा.) लिमिटेड के सहयोग से अपना लगातार तीसरे वर्ष – 03 दिवसीय हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न किया।

बायोइनोवेले लाइफसाइंस के विशेषज्ञ श्री देबाशीष साहू द्वारा 80+ विद्यार्थियों को मेटाबोलॉमिक्स से लेकर जीनोमिक्स तक की उन्नत तकनीकों पर प्रशिक्षण दिया गया, जो विश्वविद्यालय की व्यावहारिक और उद्योग-उन्मुख शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

प्रशिक्षण में मेटाबोलाइट निष्कर्षण एवं परिमाणीकरण, टीएलसी आधारित पृथक्करण और डीएनए निष्कर्षण एवं एगारोज जेल इलेक्ट्रोफोरेसिस को कवर किया गया।

समापन समारोह में महानिदेशक डॉ. बी. सी. जैन, कुलपति डॉ. टी. रामाराव, निदेशक डॉ. जयेंद्र नारंग, कुलसचिव डॉ. रूपाली चौधरी और डीन एकेडमिक्स डॉ. हरीश शर्मा उपस्थित रहे।

विज्ञान संकाय की डीन डॉ. शिल्पा शर्मा का संदेश:

 “अंजनेया विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय में हम कक्षाओं से परे सीखने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। विशेषज्ञ श्री देबाशीष साहू के मार्गदर्शन में लगातार तीसरे वर्ष यह सफल कार्यशाला हमारे विद्यार्थियों को बायोटेक्नोलॉजी और फॉरेंसिक साइंस के लिए करियर-रेडी बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”

विश्वविद्यालय अनुभवात्मक शिक्षा और अनुसंधान-संचालित शिक्षा में अग्रणी बना हुआ है।

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