
1986 में शुरू हुई इस प्रणाली में पिछले 40 साल में कई छोटे बदलाव किए गए। लेकिन अब इसमें आमूलचूल परिवर्तन किया गया है । अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर इसके क्षमता का विस्तार किया गया है ।
रेल आरक्षण प्रणाली ने कई महत्वपूर्ण पड़ाव देखे हैं। वर्ष 2002 में भारतीय रेलवे ने टिकटिंग में इंटरनेट का प्रयोग शुरू किया। आज यह प्रणाली इतनी लोकप्रिय है कि देश की ज्यादातर आबादी खिड़की की ओर रुख नहीं करती। देश में आज जितनी भी टिकटिंग की माँग है, उसका बड़ा हिस्सा (लगभग 88%) ऑनलाइन माध्यम से होता है।
भारतीय रेल का मोबाइल ऐप रेलवन यात्रियों के बीच बड़ी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। रेलवन ऐप की शुरुआत पिछले साल जुलाई में हुई थी। एक साल से कम समय में ही देशभर में अब तक 3.5 करोड़ डाउनलोड हो चुके हैं।




